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तू क्या हीरो बनेगा। मेरी बॉडी देख। जब मैं हीरो नहीं बन पाया तो तुझे कौन हीरो बनाएगा।” ये बात मोहनीश बहल ने सलमान खान से तब कही थी जब वो फिल्मों में आए भी नहीं थे।

  • April 1, 2026

तू क्या हीरो बनेगा। मेरी बॉडी देख। जब मैं हीरो नहीं बन पाया तो तुझे कौन हीरो बनाएगा।” ये बात मोहनीश बहल ने सलमान खान से तब कही थी जब वो फिल्मों में आए भी नहीं थे। दोनों की दोस्ती उस वक्त नई-नई ही थी। चूंकि मोहनीश नामी अदाकारा नूतन के बेटे थे तो वो शुरू से ही फिल्मों में हीरो बनने का ख्वाब देखते थे। और अपनी फिटनेस पर भी खूब काम करते थे। मोहनीश को शुरुआत में इंडस्ट्री के कुछ डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर्स ने गंभीरता से लिया भी।

लेकिन बतौर हीरो उनकी फिल्में चल नहीं सकी। नतीजा, उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया। इसी दौरान उनकी सलमान खान से दोस्ती हो गई। सलमान और मोहनीश खूब मस्ती-मज़ाक भी किया करते थे। ऐसे जब एक दिन सलमान ने मोहनीश को बताया कि मैं हीरो बनना चाहता हूं तब उन्होंने सलमान से वो बात कही थी जिसका ज़िक्र उपर किया गया है। हालांकि वो दो दोस्तों के बीच का एक मज़ाक था। सलमान पर मोहनीश का कोई तंज नहीं।

खैर, ये समय है। बहुत ताकतवर। इसकी ताकत का अंदाज़ा तो इस दुनिया में कोई लगा नहीं सका। ना ही इसकी चाल को आजतक सही से कोई पकड़ पाया। समय अपने हिसाब से इंसान को नचाता है। इंसान की क्या हस्ती भला समय के सामने। तो समय गुज़रा और सलमान खान मैंने प्यार किया में हीरो के तौर पर साइन हो गए। ये बात जब मोहनीश को पता चली तो उन्होंने सलमान से अपने नाम की सिफारिश करने को भी कहा।

सलमान ने भी दोस्ती निभाई और सूरज बड़जात्या से विलेन वाले लड़के का रोल मोहनीश बहल को देने को कहा। इस तरह मोहनीश बहल को मैंने प्यार किया में विलेन का रोल मिल गया। वैसे, जब सूरज बड़जात्या के दादा ताराचंद बड़जात्या को पता चला कि कि मोहनीश नतून जी के बेटे हैं तो वो कशमकश में फंस गए। नूतन जी बहुत बड़ी अदाकारा थी। उनके बेटे को फिल्म में विलेन लेना ताराचंद जी को सही नहीं लग रहा था।

ताराचंद जी तो एक वक्त पर प्लानिंग कर चुके थे कि नूतन के बेटे को विलेन बनाकर नूतन से संबंध खराब करने से बेहतर है कि वो उनके बेटे को फिल्म में लें ही ना। ये बात जब मोहनीश बहल को पता चली तो उन्होंने अपनी मां नूतन से ताराचंद बड़जात्या को फोन कराया।

नूतन जी ने ताराचंद बड़जात्या जी से कहा कि आप उसे फिल्म से मत निकालिए। उसे ये रोल करने दीजिए। ये सुनकर तो ताराचंद जी की सारी परेशानी ही खत्म हो गई। उन्होंने भी मोहनीश को उस रोल के लिए फाइनल कर दिया। और इस तरह मोहनीश बहल अपनी दूसरी पारी में एक दमदार विलेन के तौर पर उभरकर सामने आए।

नोट- ये ज़ाहिर सी बात है कि आपमें से बहुतों को ये कहानी झूठी लग रही होगी। बहुत पहले भी जब ये कहानी हमने पोस्ट की थी तब भी बहुत से पाठकों ने ऐसा ही कहा था। लेकिन यकीन मानिए, ये कहानी एकदम सच्ची है। क्योंकि स्वंय मोहनीश बहल जी ने एक इंटरव्यू में ये पूरी कहानी बताई थी। यूट्यूब पर है वो इंटरव्यू। सुन लीजिएगा अगर यकीन ना हो तो। #MohnishBahl #salmankhan #MainePyarKiya

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