
इस चेहरे से लगभग सभी सिने प्रेमी वाकिफ़ हैं। लंबे वक्त तक हमने इन्हें खलनायक के रूप में फ़िल्मों में देखा है। व्यक्तित्व बहुत शानदार और आवाज़ बड़ी दमदार है इनकी। ये मुख्य विलेन के तौर पर तो कम ही दिखे। लेकिन मुख्य विलेन के खास गुर्गे के रूप में इन्होंने कई फ़िल्मों में ज़बरदस्त अदाकारी की है। नाम है इनका दीप ढिल्लों। और आज इनका जन्मदिन है।
03 अप्रैल 1957 को पंजाब के पट्टी में रहने वाले एक सिख परिवार में दीप ढिल्लों का जन्म हुआ था। इनके पिता जसवंत सिंह ढिल्लों पंजाब टैक्सेशन डिपार्टमेंट के हेड हुआ करते थे। जबकी इनकी मां गुरबचन कौर गृहणी थी। अपने घर में दीप ढिल्लों सबसे छोटे थे। इनके एक बड़े भाई थे। और तीन बहनें भी।
पट्टी से ही दीप ढिल्लों जी की स्कूलिंग हुई थी। छोटी उम्र में ही इनके पिता दुनिया छोड़कर चले गए थे। उनके जाने के बाद दीप जी ने भी अपने परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए बहुत यंग एज से काम करना शुरू कर दिया था। युवा उम्र में ही दीप ढिल्लों जी ने अभिनय करना शुरू कर दिया था। जलंधर टीवी पर आने वाले टीवी शोज़ में उन्होंने छोटे-छोटे किरदार निभाकर अपने करियर की शुरुआत की थी।
स्वर्गीय तबस्सुम जी के पुत्र होशांग गोविल जी ने अपने एक वीडियो में बताया है कि शुरुआत में दीप ढिल्लों पैसों के लिए एक्टिंग करते थे। उन पैसों से ये घर का खर्च चलाने में अपने परिवार की मदद करते थे। मगर धीरे-धीरे वो एक्टिंग को एंजॉय करने लगे। और फिर उन्होंने तय किया कि अब उन्हें एक्टिंग ही करनी है। फ़िल्मों में काम करना है। 1981 में फ़िल्म एक्टर बनने का ख्वाब आंखों में लिए दीप ढिल्लों जी मुंबई भी आ गए।
मुंबई में दीप ढिल्लों जी को भी काफ़ी संघर्ष करना पड़ा। स्टूडियोज़ के चक्कर लगाने पड़े। डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर्स के दफ़्तरों के धक्के खाने पड़े। दीप जी को लंबा स्ट्रगल करना पड़ गया। चार सालों तक उन्हें कोई काम नहीं मिल सका। जबकी उन्हें यकीन था कि चूंकि उनकी पर्सनैलिटी अच्छी है, आवाज़ भी बढ़िया है, तो उन्हें तो काम मिल ही जाएगा। दीप ढिल्लों हैरान थे ये सोचकर कि आखिर उन्हें काम क्यों नहीं मिल रहा है?
एक वक्त वो भी आया था जब दीप ढिल्लों का हौंसला डगमगाने लगा था। वो घर वापस लौटने का विचार करने लगे थे। मगर फिर कुछ अच्छा हुआ। दीप ढिल्लों जी को एक फ़िल्म में छोटा सा रोल ऑफ़र हुआ। वो फ़िल्म थी 1985 में आई करिश्मा कुदरत का। दीप ढिल्लों वो छोटा सा रोल भी बहुत मेहनत से निभाया। उस मेहनत का उन्हें फ़ायदा मिला। करिश्मा कुदरत का फ़िल्म के बाद उन्हें और कुछ फ़िल्में मिल गई। उनमें से एक मिस्टर इंडिया भी थी।
उस दौर की कई फ़िल्मों में दीपक ढिल्लों जी ने काम किया। यूं तो उनके रोल्स बहुत बड़े नहीं होते थे। मगर प्रभावशाली ज़रूर थे। उनमें से अधिकतर निगेटिव रोल्स थे। सनी देओल की क्लासिक फ़िल्म घातक में दीप ढिल्लों भी कातिया के भाईयों में से एक थे। साल 2001 में आई ‘ये रास्ते हैं प्यार के’ फ़िल्म में दीप ढिल्लों जी ने मुख्य खलनायक का किरदार जिया था।
वैसे तो दीप ढिल्लों जी ने साउथ की कुछ फ़िल्मों में भी काम किया है। मगर हिंदी के बाद पंजाबी फ़िल्मों में उन्होंने सबसे ज़्यादा काम किया। और पंजाबी फ़िल्म इंडस्ट्री का वो बड़ा नाम बने। कई बड़ी और हिट पंजाबी फ़िल्मों में दीप ढिल्लों ने अभिनय किया है। टीवी पर भी उन्होंने खूब काम किया है। महाभारत में जयद्रथ का किरदार दीप ढिल्लों ने ही निभाया था। वो कानून, जुनून, अजनबी, बेटा, बेताल पचीसी जैसे शोज़ में काम किया है। संजय खान के बेहद लोकप्रिय टीवी शो जय हनुमान में दीप ढिल्लों जी ने राजा दशरथ का रोल निभाया था। जबकी दूरदर्शन के हिस्टोरिकल शो ‘मैं दिल्ली हूं’ में दीप ढिल्लों जयचंद बने थे। और भी कई टीवी शोज़ में ये नज़र आए थे।
साल 1989 में दीप ढिल्लों जी की शादी हो गई थी। इनकी पत्नी का नाम है राधा। इनके दो बेटे हैं। इनका बेटा करण एक बिजनेसमैन है। जबकी दूसरा बेटा कंवर इनकी ही तरह एक्टर है। कंवर ढिल्लों कई टीवी शोज़ में मुख्य भूमिकाओं में नज़र आ चुके हैं। अपने परिवार के साथ दीप ढिल्लों मुंबई में ही रहते हैं। और फिलहाल वो फ़िल्मों से दूर हैं। दीप ढिल्लों जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। #DeepDhillon #happybirthdaydeepdhillon
