सतीश कौशिक: हरियाणा के महेंद्रगढ़ से बॉलीवुड तक का शानदार सफर
बात करेंगे सतीश कौशिक जी की। क्योंकि आज सतीश कौशिक जी का जन्मदिवस है। 13 अप्रैल 1956 को सतीश कौशिक का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था।
बात करेंगे सतीश कौशिक जी की। क्योंकि आज सतीश कौशिक जी का जन्मदिवस है। 13 अप्रैल 1956 को सतीश कौशिक का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था।
प्राण ने मनोज कुमार की फिल्म ‘शोर’ में काम करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वो पहले ही ‘ज़ंजीर’ में शेर खान जैसा किरदार साइन कर चुके थे। एक जैसे रोल से बचने के उनके इस फैसले ने इंडस्ट्री में कई चर्चाएं छेड़ दीं, लेकिन असल में दोनों के रिश्ते बरकरार रहे।
राजकुमार और दिलीप कुमार के बीच ‘सौदागर’ की शूटिंग के दौरान हुआ एक विवाद आज भी चर्चित है। ‘इमली का बूटा’ गाने के दौरान हुई एक छोटी सी बात ने बड़ा रूप ले लिया, जबकि दूसरी ओर राजकुमार की बीमारी के समय दोनों के बीच का भावुक रिश्ता भी सामने आया।
शशिकला की ज़िंदगी संघर्ष और उम्मीद की मिसाल रही। कभी घर में खाने तक के पैसे नहीं थे, लेकिन फिल्म ‘ज़ीनत’ में मिले सिर्फ 20 रुपयों से उनके परिवार ने पहली बार दिवाली मनाई। नूरजहां की मदद से शुरू हुआ ये सफर आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड की यादगार अभिनेत्री बना गया।
बात करेंगे सतीश कौशिक जी की। क्योंकि आज सतीश कौशिक जी का जन्मदिवस है। 13 अप्रैल 1956 को सतीश कौशिक का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था।
प्राण ने मनोज कुमार की फिल्म ‘शोर’ में काम करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वो पहले ही ‘ज़ंजीर’ में शेर खान जैसा किरदार साइन कर चुके थे। एक जैसे रोल से बचने के उनके इस फैसले ने इंडस्ट्री में कई चर्चाएं छेड़ दीं, लेकिन असल में दोनों के रिश्ते बरकरार रहे।
राजकुमार और दिलीप कुमार के बीच ‘सौदागर’ की शूटिंग के दौरान हुआ एक विवाद आज भी चर्चित है। ‘इमली का बूटा’ गाने के दौरान हुई एक छोटी सी बात ने बड़ा रूप ले लिया, जबकि दूसरी ओर राजकुमार की बीमारी के समय दोनों के बीच का भावुक रिश्ता भी सामने आया।
शशिकला की ज़िंदगी संघर्ष और उम्मीद की मिसाल रही। कभी घर में खाने तक के पैसे नहीं थे, लेकिन फिल्म ‘ज़ीनत’ में मिले सिर्फ 20 रुपयों से उनके परिवार ने पहली बार दिवाली मनाई। नूरजहां की मदद से शुरू हुआ ये सफर आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड की यादगार अभिनेत्री बना गया।
दीप ढिल्लों ने हिंदी और पंजाबी सिनेमा में लंबे समय तक दमदार निगेटिव किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। ‘करिश्मा कुदरत का’ से शुरुआत कर ‘घातक’ और ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी फिल्मों तक, उनका सफर संघर्ष, मेहनत और शानदार अदाकारी से भरा रहा। जन्मदिन के मौके पर जानिए इस बेहतरीन कलाकार की पूरी कहानी।
मोहनीश बहल ने मज़ाक में सलमान खान से कहा था—“तू क्या हीरो बनेगा…” लेकिन वक्त ने कहानी पलट दी। ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान हीरो बने और दोस्ती निभाते हुए मोहनीश को विलेन का रोल दिलवाया। जानिए इस दिलचस्प और सच्ची कहानी के पीछे की पूरी दास्तान।
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