
बॉलीवुड में कई ऐसी फ़िल्में बनी हैं, जिनकी लव स्टोरी सिर्फ़ पर्दे तक सीमित नहीं रही। 80 के दशक की आइकॉनिक फ़िल्म Love Story भी ऐसी ही एक फ़िल्म थी, जहां रील और रियल लाइफ़ की सीमाएं धुंधली हो गई थीं। इस फ़िल्म से डेब्यू करने वाले कुमार गौरव और अभिनेत्री विजेयता पंडित के बीच पनपा रिश्ता, समय के साथ एक दर्दनाक और जटिल प्रेम कहानी में बदल गया।
एक इंटरव्यू में, जो विजेयता पंडित ने वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार भारती एस. प्रधान को दिया था, उन्होंने खुलकर बताया कि कुमार गौरव उनके जीवन में पहले ऐसे पुरुष थे, जिनसे उन्होंने भावनात्मक और शारीरिक निकटता महसूस की। उनके मुताबिक, Love Story की शूटिंग के दौरान सबकुछ नया था—भावनाएं भी और अनुभव भी।
रील से रियल तक पहुँचा प्यार
विजेयता पंडित का मानना था कि ज़्यादातर लव स्टोरी फ़िल्मों के साथ यही होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बॉबी, बेताब या रॉकी—इन सभी फ़िल्मों में काम करने वाले कपल्स के बीच असल ज़िंदगी में भी प्यार पनपा था।
Love Story की शूटिंग के दौरान कुमार गौरव विजेयता के साथ बेहद सहज और मज़ाकिया रहते थे। सेट पर उनकी केमिस्ट्री किसी से छुपी नहीं थी। कश्मीर शेड्यूल के दौरान विजेयता की बड़ी बहन माया भी उनके साथ थीं, जो इस बढ़ती नज़दीकी को लेकर काफ़ी सतर्क रहने लगीं।
राजेंद्र कुमार की नाराज़गी
जैसे-जैसे यह रिश्ता गहराता गया, राजेंद्र कुमार तक भी इसकी भनक पहुँच गई। वह नहीं चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा करियर की शुरुआत में ही किसी रिश्ते में बंध जाए। शूटिंग के बाद अक्सर वह कुमार गौरव को समझाते—कभी सख़्ती से, कभी ग़ुस्से में।
विजेयता के अनुसार, राजेंद्र कुमार अपने बेटे से यह भी कहते थे कि वह “प्रिंस” है और उसके लिए वह किसी अमीर, खानदानी “प्रिंसेस” को चुनेंगे। ये बातें विजेयता को भीतर तक डराने लगीं, हालांकि उन्हें यह देख कर थोड़ी राहत मिलती थी कि कुमार गौरव अपने पिता के सामने भी उनके रिश्ते का बचाव करते थे।
सगाई, टूटते सपने और अपमान
हालात तब और मुश्किल हो गए जब राजेंद्र कुमार ने अपने पुराने मित्र राज कपूर के साथ मिलकर कुमार गौरव की सगाई उनकी बेटी रीमा कपूर से कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस सगाई में विजेयता पंडित को भी आमंत्रित किया गया।
सगाई में रीमा कपूर द्वारा दी गई डायमंड रिंग को लेकर हुआ छोटा-सा वाकया, विजेयता के लिए भावनात्मक रूप से बेहद भारी था। कुमार गौरव का आवेग और उनकी बेबसी—दोनों साफ़ झलक रहे थे। यह पूरा दृश्य अभिनेत्री रीना रॉय ने भी देखा था, जिन्होंने बाद में यह बात विजेयता की बहन सुलक्षणा पंडित तक पहुँचाई।
वादे, कसमें और विश्वासघात
सगाई के बाद भी कुमार गौरव का विजेयता के घर आना-जाना जारी रहा, जिससे उनके परिवार में तनाव बढ़ता गया। विजेयता की मां ने उनसे साफ़ कहा कि अगर शादी का इरादा नहीं है तो आना बंद करें। उसी पल कुमार गौरव ने कसम खाई कि वह शादी करेंगे तो सिर्फ़ विजेयता से।
लेकिन कुछ सालों बाद सच्चाई सामने आई—कुमार गौरव का रिश्ता नम्रता दत्त से चल रहा था। अंततः उन्होंने नम्रता से शादी कर ली। इससे पहले रीमा कपूर से हुई सगाई टूट चुकी थी, जिसका दोष मीडिया ने विजेयता पंडित पर मढ़ दिया—हालांकि विजेयता ने हमेशा इससे इनकार किया।
करियर पर भी पड़ा असर
विजेयता पंडित ने इंटरव्यू में यह भी बताया कि Love Story के बाद उन्हें कुमार गौरव के साथ कई फ़िल्म ऑफ़र्स मिले थे, लेकिन ज़्यादातर प्रोजेक्ट्स से उन्हें बाहर करवा दिया गया। उनका आरोप था कि राजेंद्र कुमार प्रोड्यूसर्स को दूसरी हीरोइनों के नाम सुझाते थे और साफ़ कहते थे कि फ़िल्म हीरो से चलती है, हीरोइन से नहीं।
एक अधूरी प्रेम कहानी
विजेयता पंडित और कुमार गौरव की कहानी सिर्फ़ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि उस दौर के स्टार-किड्स, पारिवारिक दबाव और इंडस्ट्री की राजनीति की झलक भी देती है। Love Story भले ही सिल्वर स्क्रीन पर अमर हो गई, लेकिन इसके पीछे की असल कहानी दर्द, वादों और टूटे भरोसे से भरी रही।
