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अमीन सयानी और बिनाका गीतमाला: रेडियो की वो यादें जो आज भी दिलों में गूंजती हैं

1960 के दौर में अमीन सयानी का बिनाका गीतमाला सिर्फ एक रेडियो प्रोग्राम नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा था। पत्रकार अर्चना मसीह ने अपने लेख में बताया है कि कैसे बुधवार की शामें, रेडियो, और अमीन सयानी की आवाज़ पीढ़ियों की यादों में बस गईं।

  • February 21, 2026
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