
उस ज़माने में राजेश खन्ना का जलवा ये था कि लोग कहते थे,”ऊपर आका, नीचे काका। और बाकी सबकी मां का।”🤣🤣🤣 ये रज़ा मुराद जी ने राजेश खन्ना जी के बारे में बताया है। पिछले साल रज़ा मुराद साहब ने ANI के साथ किए एक पॉडकास्ट में राजेश खन्ना के बारे में ये बात बताई थी। उस पोडकास्ट में रज़ा मुराद ने कहा है कि राजेश खन्ना नहीं चाहते थे कि नमक हराम फ़िल्म में रज़ा मुराद काम करें।
रज़ा मुराद से उनकी कोई पर्सनल खुन्नस नहीं थी। काका दरअसल अपने किसी जानकार को ये रोल दिलाना चाहते थे जो नमक हराम फ़िल्म में रज़ा मुराद ने निभाया है। मगर ऋषिकेश मुखर्जी ने इन्कार कर दिया था। वो इस रोल को रज़ा मुराद से ही कराना चाहते थे। क्योंकि रज़ा मुराद का नाम ऋषि दा को गुलज़ार साहब ने सुझाया था। रज़ा मुराद कहते हैं कि उस ज़माने में राजेश खन्ना को ना कहना मतलब भगवान को ना कहना।
मुकेश जी के पुत्र व नामी गायक नितिन मुकेश जी उन दिनों ऋषि दा के असिस्टेंट हुआ करते थे। रज़ा मुराद को हैंडल करने का ज़िम्मा ऋषि दा ने उन्हें ही दिया था। नितिन मुकेश ने ही रज़ा मुराद को बताया था कि राजेश खन्ना अपने किसी परीचित को ये किरदार दिलाना चाहते थे। इसलिए हो सकता है कि तुम्हारे प्रति राजेश खन्ना का बर्ताव ज़रा अच्छा ना रहे। रज़ा मुराद ने कहा कि मुझे तो काम करना है। और किसी बात पर ध्यान नहीं देना।
जब पहले दिन रज़ा मुराद सेट पर पहुंचे तो नितिन मुकेश ने रज़ा मुराद को राजेश खन्ना से मिलाया और बताया कि ऋषि दा ने आलम का किरदार निभाने के लिए रज़ा मुराद को सिलेक्ट किया है। रज़ा मुराद को लगा कि जैसा नितिन मुकेश ने बताया था, शायद राजेश खन्ना बहुत रूखा बर्ताव करेंगे। मगर राजेश खन्ना अपनी कुर्सी से खड़े हुए। उन्होंने रज़ा मुराद से हाथ मिलाया। और राजेश खन्ना ने शूटिंग के दौरान उनकी काफ़ी मदद भी की थी।
वैसे, हमने तो आज तक यही सुना था कि ऊपर आका नीचे काका। ये मां का वाली लाइन तो पहली दफ़ा रज़ा मुराद साहब से ही सुनी। किसी ने सुनी हो पहले कभी तो बताइएगा ज़रूर। #RazaMurad #rajeshkhanna #namakharaam
