
साल 1955। भारत और सोवियत यूनियन के रिश्तों में एक अहम अध्याय जुड़ रहा था। उसी दौर में सोवियत यूनियन के प्रधानमंत्री निकोलाई बुल्गानिन भारत के दौरे पर आए। उनके सम्मान में मुंबई के शिवाजी पार्क में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस आयोजन की संगीत प्रस्तुति की ज़िम्मेदारी मिली थी जाने-माने संगीतकार वसंत देसाई को। कार्यक्रम के लिए एक विशेष नृत्य प्रस्तुति तैयार की जा रही थी, जिसके लिए वसंत देसाई कुछ प्रतिभाशाली लड़कियों की तलाश में थे।
एक छोटी-सी छात्रा, बड़ा मंच
उन्हीं दिनों एक कम उम्र की लड़की श्यामला मजगाओंकर से शास्त्रीय नृत्य सीख रही थी। उसका नाम था जयश्री गडकर। एक दिन वसंत देसाई नृत्य प्रशिक्षण स्थल पर पहुँचे और जयश्री गडकर सहित कुछ अन्य लड़कियों को उस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चुन लिया।
जिस गीत पर यह नृत्य प्रस्तुति हुई, वह मराठी सिनेमा का कालजयी गीत था—
“लटपट लटपट तुझा चालना”,
जो महान फिल्मकार वी. शांताराम की फिल्म अमर भूपाली से था। इस गीत को आवाज़ दी थी लता मंगेशकर ने।
उस वक्त जयश्री गडकर की उम्र महज़ 12–13 साल थी, लेकिन मंच पर उनके आत्मविश्वास और नृत्य की परिपक्वता ने सभी का ध्यान खींच लिया।
एक प्रस्तुति जिसने रास्ते खोल दिए
कार्यक्रम ज़बरदस्त सफल रहा। दर्शकों और आयोजकों—दोनों ने खास तौर पर जयश्री गडकर की प्रतिभा की सराहना की। यही वह क्षण था, जिसने उनके लिए सिनेमा के दरवाज़े खोल दिए।
इसी सफलता के बाद वी. शांताराम ने अपनी चर्चित फिल्म झनक झनक पायल बाजे के एक गीत में जयश्री गडकर को अभिनेत्री संध्या के साथ कोरस डांस करने का मौका दिया। यह भले ही छोटा अवसर था, लेकिन किसी भी कलाकार के लिए बड़े मंच पर पहला क़दम बेहद अहम होता है।
तस्वीरों से फिल्मों तक
उसी शिवाजी पार्क वाले कार्यक्रम में पुणे के एक फोटोग्राफर ने नृत्य करने वाली सभी लड़कियों की कई तस्वीरें खींची थीं। कुछ समय बाद ये तस्वीरें मराठी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशक दिनकर डी. पाटिल की नज़र से गुज़रीं।
दिनकर पाटिल को जयश्री गडकर की स्क्रीन प्रेज़ेंस बेहद पसंद आई। नतीजतन, उन्होंने जयश्री को अपनी फिल्म दिसत तसा नसत में एक भूमिका दी। रोल भले छोटा था, लेकिन इसके साथ जयश्री को एक स्वतंत्र डांस नंबर परफॉर्म करने का अवसर भी मिला। इस फिल्म में उनके अपोज़िट नज़र आए लोकप्रिय अभिनेता राजा गोसावी।
आज का दिन, एक श्रद्धांजलि
आज जयश्री गडकर जी का जन्मदिन है। उनका जन्म 21 फ़रवरी 1942 को हुआ था। उनके अभिनय, नृत्य और व्यक्तित्व पर बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है। हालांकि इंटरनेट पर उनके जीवन से जुड़ी कई जानकारियाँ मौजूद हैं, जिनमें से सही और ग़लत को अलग करना अपने आप में एक गहन शोध का विषय है।
किसी दिन पूरी रिसर्च और तथ्यों के साथ जयश्री गडकर जी की विस्तृत जीवनी लिखने का प्रयास ज़रूर किया जाएगा।
आज के दिन उन्हें किस्सा टीवी की ओर से शत-शत नमन।
